नश्वरता

Slide49

अकेले आये है।
अकेले जायेंगे।
प्रत्यक्ष हो या परोक्ष दुनिया।
हमतो अकेले थे।
अकेले हैं।
और अकेले ही रह जायेंगे।।
तुझको मुबारक हो कल्पित वास्तविकता।
यह प्रतीयमान छवि।
हम तो यथार्थवादी हैं।
समयोचित, यथार्थवादी।
वास्तविक दुनिया के निवासी।
एक दिन आयेगा।
और पंचतत्व में विलीन हो जायेंगे।।
जिन्दगी नश्वर है।
मत भूल।
कभी।।

One is born alone and would die alone, what one has brought with him what will he take, No one is going to live forever, every one will die some day sooner or later. You are born to die don’t forget this ever.

Advertisements

2 thoughts on “नश्वरता

  1. चल अकेला, चल अकेला, चल अकेला
    तेरा मेला पीछे छूटा राही चल अकेला
    हज़ारों मील लम्बे रास्ते तुझको बुलाते
    यहाँ दुखड़े सहने के वास्ते तुझको बुलाते
    है कौन सा वो इंसान यहाँ पे जिस ने दुख ना झेला

    चल अकेला …
    तेरा कोई साथ न दे तो तू खुद से प्रीत जोड़ ले
    बिछौना धरती को करके अरे आकाश ओढ़ ले
    पूरा खेल अभी जीवन का तूने कहाँ है खेला
    चल अकेला …

    • मौत आई इश्क़ में तो हमें नींद आ गई
      निकली बदन से जान तो काँटा निकल गया – अकबर इलाहाबादी

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s